MindsRiot !!!: दुसऱ्यांच पण आवडलेलं काही…

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काश तुझ पर भी, लागु होती "RTI"...ऐ जिन्दगी तुझसे, बहुत से जवाब चाहिए..

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10 जनवरी 2018

एका अनावर कैफात...

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10 फ़रवरी 2017

मैत्रीण...

09 फ़रवरी 2017

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मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं हाये मौसम की तरह दोस्त बदल जाते हैं हम अभी तक हैं गिरफ़्तार-ए-मुहब्बत यारो ठोकरें खा के सुना था ...
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17 दिसंबर 2016

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23 नवंबर 2016

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10:28 am 0 Comments
मनाला स्थळ-काळाची बंधने नाहीत, कुठल्याही वेळी तो कोठेही जाऊ शकतो. प्रत्येकाने प्रामाणिकपणे निरीक्षण केल्यास असं लक्षात येईल कि बहुतेक वेळा...
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